Category Archives: Hindi | हिन्दी

फिसल गये हैं मोटूमल

फिसल गये हैं मोटूमल मोटा पेट करे थल-थल दिन निकले से मुँह चलता है जैसे चलती चक्की नहीं पढ़ाई, नहीं लिखाई ये हैं बक्की-झक्की चाट, मलाई, कुल्फी देखी जायें वहीँ मचल (नोट: ये कविता वर्षों नहीं बल्कि दशकों पहले कभी … Continue reading →

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हैम्बर्ग शहर में पाँचवीं बार ‘इंडिया वीक’ का आयोजन

पिछले कुछ वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी हैम्बर्ग शहर में पाँचवीं बार ‘इंडिया वीक’ का आयोजन किया गया। ‘इंडिया वीक’, अर्थात भारत सप्ताह, का आयोजन हैम्बर्ग राज्य सरकार द्वारा हैम्बर्ग नगर क्षेत्र एवं  श्लेस्विग-होल्स्ताइन स्थित विभिन्न आर्थिक, साँस्कृतिक एवं … Continue reading →

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ज़िन्दगी का सफ़र

बिना लिबास के आये थे इस जहाँ में एक कफ़न की ख़ातिर इतना सफ़र करना पड़ा — Bina libaas ke aaye the is jahaan mein Ek kafan ki khaatir, itna safar karna pada — (रचना: अज्ञात / डॉ. राकेश किशोर … Continue reading →

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हम बुलाते ही रहे, तुम जलाते ही रहे

(रफ़ी:) हम बुलाते ही रहे, तुम जलाते ही रहे ओ सनम, ये कहाँ की मोहब्बत है (आशा:) यूँ सताया न करो, दिल जलाया न करो हमने कह तो दिया कि मोहब्बत है (…)

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अति का वर्जन

अति गुणी अति निर्गुणी, अति दाता अति सूर इन चारौं से लक्ष्मी, सदा रहत हैं दूर ——– श्रेणी: बुन्देलखंड की लोकोक्तियाँ स्रोत: दोहा ज्ञान अमृत सागर (संग्रहकर्ता: श्री देवीदीन विश्वकर्मा, कीरतपुरा, महोबा, उ.प्र.) मुद्रक: गोपाल ऑफसेट प्रेस (मऊरानीपुर, झाँसी, उ.प्र.) … Continue reading →

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