Author Archives: Rajnish Tiwari

एक झूठ है जिसका दुनिया ने रखा है मोहब्बत नाम

मुखड़ा : प्यार के सागर से निकली, मोती के बदले रेत । अब पछताये क्या होये, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत ।। गीत: एक झूठ है जिसका दुनिया ने, रखा है मोहब्बत नाम धोखा है जिसे कहते हैं वफ़ा, बस … Continue reading →

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रात को जी चमके तारे…

रात को जी,  हाय, रात को जी चमके तारे, देख बलम मोहें अँखियाँ मारे जी, मैं मर गई रामा रात को जी, हाय, रात को जी चमके तारे, पहलू में दिल मेरा पाँव पसारे जी, मैं का करूँ राम

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तुम्हें ग़ैरों से कब फ़ुरसत…

तुम्हें ग़ैरों से कब फ़ुरसत, हम अपनों से कब खाली चलो हो चुका मिलना, न तुम खाली, न हम खाली — Tumhen ghairon se kab fursat, ham apnon se kab khali Chalo ho chuka milna, na tum khali, na ham … Continue reading →

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बहे न कभी नैन से नीर

बहे न कभी नैन से नीर उठी हो चाहे दिल में पीर बावरे यही प्रीत की रीत बावरे यही प्रीत की रीत

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फैली हुई हैं सपनों की बाहें…

फैली हुई हैं सपनों की बाहें, आजा चल दें कहीं दूर वहीँ मेरी मंज़िल, वहीं तेरी राहें आजा चल दें कहीं दूर

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