Tag Archives: उर्दू (हिन्दुस्तानी)

चाँद मद्धम है, आसमाँ चुप है

चाँद मद्धम है, आसमाँ चुप है नींद की गोद में, जहाँ चुप है दूर वादी में दूधिया बादल झुककर पर्वत को प्यार करते हैं दिल में नाक़ाम हसरतें लेकर हम तेरा इंतज़ार करते हैं चाँद मद्धम है…

Posted in Film Lyrics, Hindi | हिन्दी, Literature, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , | Comments Off on चाँद मद्धम है, आसमाँ चुप है

फुटपाथ और घर

सोते हैं जो फुटपाथ पे वो सोच रहे हैं घर जिनके सलामत हैं वो घर क्यों नहीं जाते । — शेर: सतनाम सिंह ‘हुनर’

Posted in Hindi | हिन्दी, Literature, Sher-o-Shayari, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , , , | Comments Off on फुटपाथ और घर

आपका इंतज़ार क्या करते

जीस्त को पुर-बहार क्या करते दिल ही था सोगवार क्या करते आपके ग़म की बात है वरना खुद को हम बेक़रार क्या करते

Posted in Hindi | हिन्दी, Literature, Sher-o-Shayari, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , | Comments Off on आपका इंतज़ार क्या करते

ज़िंदगी जी नहीं बर्दाश्त की

ज़िंदगी जी नहीं बर्दाश्त की ऊसर में काश्त की !

Posted in Hindi | हिन्दी, Literature, Sher-o-Shayari, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , | Comments Off on ज़िंदगी जी नहीं बर्दाश्त की

चंद रोज़ और मेरी जान…

चंद रोज़ और मेरी जान, फकत चंद ही रोज़ ज़ुल्म की छाँव में दम लेने को, मज़बूर हैं हम और कुछ देर सितम सह लें, तड़प लें, रो लें अपने अज्दाद की मीरास हैं, माज़ूर हैं हम

Posted in Hindi | हिन्दी, Literature, Sher-o-Shayari, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , | Comments Off on चंद रोज़ और मेरी जान…