Tag Archives: उर्दू (हिन्दुस्तानी)

मुहब्बत करने वालों की परस्तिश कर

परस्तिश* कर, मुहब्बत करने वालों की परस्तिश कर खुदा होता है दिल में, जब मुहब्बत दिल में होती है —- शेर: बिस्मिल सईदी

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एक झूठ है जिसका दुनिया ने रखा है मोहब्बत नाम

मुखड़ा : प्यार के सागर से निकली, मोती के बदले रेत । अब पछताये क्या होये, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत ।। गीत: एक झूठ है जिसका दुनिया ने, रखा है मोहब्बत नाम धोखा है जिसे कहते हैं वफ़ा, बस … Continue reading →

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तुम्हें ग़ैरों से कब फ़ुरसत…

तुम्हें ग़ैरों से कब फ़ुरसत, हम अपनों से कब खाली चलो हो चुका मिलना, न तुम खाली, न हम खाली — Tumhen ghairon se kab fursat, ham apnon se kab khali Chalo ho chuka milna, na tum khali, na ham … Continue reading →

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दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है

दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है आख़िर इस दर्द की दवा क्या है

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रात भी है कुछ भीगी-भीगी…

रात भी है कुछ भीगी-भीगी, चाँद भी कुछ है मद्धम-मद्धम तुम आओ तो आँखें खोले, सोई हुई पायल की छम-छम

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