Tag Archives: हिन्दी

पाणि-ग्रहण

ओ घोड़ी पर बैठे दूल्हे, क्या हँसता है? देख सामने तेरा आगत मुँह लटकाये हुआ खड़ा हुआ है . अब हँसता है फिर रोयेगा, शहनाई के स्वर में जब बच्चे चीखेंगे चिंताओं का मुकुट शीश पर धरा रहेगा खर्चों की … Continue reading

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बापू के बन्दर आधुनिक युग में (काका हाथरसी)

बन्दर एक बता रहा, रखकर मुँह पर हाथ चुप्पी से बनते चतुर, औंदू-भौंदूनाथ औंदू-भौंदूनाथ, सुनो साहब-सरदारो एक चुप्प से हार जायें, वाचाल हजारों ‘काका’ करो इशारों से, स्मगलिंग का धंधा गूँगा बनकर छूट, तोड़ कानूनी फंदा

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आलसी चेला

मौसम था बरसात का, भादौं आधी रात का आश्रम श्रम से दूर था, सुनो वहाँ की बात सुनो वहाँ की बात, जलेबी दूध पराठे खा पी करके गुरु, ले रहे थे खर्राटे आँख खुली तो, चेले को आवाज़ लगायी क्यों … Continue reading

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आधुनिक शिक्षा

विद्यालय में आ गये इंस्पेक्टर स्कूल छठी क्लास में पढ़ रहा विद्यार्थी हरफूल विद्यार्थी हरफूल, प्रश्न उससे कर बैठे किसने तोड़ा शिव का धनुष, बताओ बेटे?

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आवारा (मजाज़ लखनवी)

शहर की रात और मैं, नाशाद-ओ-नाकारा फिरूँ जगमगाती जागती, सड़कों पे आवारा फिरूँ ग़ैर की बस्ती है, कब तक दर-ब-दर मारा फिरूँ ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूँ, ऐ वहशत-ए-दिल क्या करूँ

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