Tag Archives: सामाजिक समस्यायें

चंद्रयात्रा और नेता का धंधा

ठाकुर ठर्रा सिंह से बोले आलमगीर पहुँच गये वो चाँद पर, मार लिया क्या तीर? मार लिया क्या तीर, लौट पृथ्वी पर आये किये करोड़ों ख़र्च, कंकड़ी मिट्टी लाये ‘काका’, इससे लाख गुना अच्छा नेता का धंधा बिना चाँद पर … Continue reading →

Posted in Hindi | हिन्दी, Humor, Literature | Tagged , , , , , , , , , , , | Comments Off on चंद्रयात्रा और नेता का धंधा

नेता और चुनावी टिकट

हमने परिचित नेता से प्रश्न किया: आपने जिस ढंग से अपने सिर पर टोपी लगाई उसे देखकर सभी की बुद्धि भरमाई आपको देखकर लोग कई तरह के अनुमान लगा रहे हैं अतः कृपया बतायें कि आप पार्टी में आ रहे … Continue reading →

Posted in Hindi | हिन्दी, Humor, Literature | Tagged , , , , , , , , , , , , | Comments Off on नेता और चुनावी टिकट

निरादरणीय दल-बदलू जी…

निरादरणीय दल-बदलू जी, बार-बार धिक्कार सुना है आपने दूसरा दल भी छोड़ दिया अपना भाग्य फोड़ा या उनका फोड़ दिया लोग व्यर्थ ही संशय करते हैं कि आप कैसे हैं किंतु आप क्या करें आपके संस्कार ही ऐसे हैं अस्पताल … Continue reading →

Posted in Hindi | हिन्दी, Humor, Literature | Tagged , , , , , , , , , , , , | Comments Off on निरादरणीय दल-बदलू जी…

आज के इस इंसान को ये क्या हो गया?

आज के इस इंसान को ये क्या हो गया? इसका पुराना प्यार कहाँ पर खो गया? कैसी ये मनहूस घड़ी है भाइयों में जंग छिड़ी  है कहीं पे खून, कहीं पर ज्वाला जाने क्या है होने वाला सबका माथा आज … Continue reading →

Posted in Film Lyrics, Hindi | हिन्दी, Literature, Patriotic, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , , | Comments Off on आज के इस इंसान को ये क्या हो गया?