Tag Archives: S.D. Burman

काहे को रोये, चाहे जो होये, सफल होगी तेरी आराधना….

काहे को रोये, चाहे जो होये सफल होगी तेरी आराधना काहे को रोये …. दीया टूटे तो है माटी, जले तो ये ज्योति बने बहे आँसू तो है पानी, रुके तो ये मोती बने ये मोती आँखों की पूंजी है, ये … Continue reading →

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चाहे कोई खुश हो, चाहे गालियाँ हज़ार दे

चाहे कोई खुश हो, चाहे गालियाँ हज़ार दे मस्तराम बन के ज़िन्दगी के दिन गुज़ार दे

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देने वाला जब भी देता…

देने वाला जब भी देता, पूरा छप्पर फाड़ के देता नंग-धडंग-मलंग जनों को दूरबीन से ताड़ के देता न देखे वो गोरा-काला, न देसी-परदेसी जब चाहे सोने से भर दे, फटे टाट की ठेसी जिस पर उसको प्यार आ जाता, … Continue reading →

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