ऐ मोहब्बत ज़िंदाबाद

मुखड़ा:

वफ़ा की राह में आशिक़ की ईद होती है
ख़ुशी मनाओ मुहब्बत शहीद होती है

गीत:

ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद, ऐ मोहब्बत ज़िंदाबाद
दौलत की जंज़ीरों से तू रहती है आज़ाद

मंदिर में, मस्जिद में तू, और तू ही है ईमानों में
मुरली की तानों में तू और तू ही है अज़ान में
तेरे दम से दीन-धरम की दुनिया है आबाद
ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद…

प्यार की आँधी रुक न सकेगी नफ़रत की दीवारों से
ख़ून-ए-मोहब्बत हो न सकेगा खंज़र से तलवारों से
मर जाते हैं आशिक़, ज़िंदा रह जाती है याद
ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद

इश्क़ बग़ावत कर बैठे तो दुनिया का रुख मोड़ दे
आग लगा दे महलों में और तख़्त-ए-शाही तोड़ दे
सीना ताने मौत से खेले, कुछ न करे फ़रियाद
ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद…

ताज-हुक़ूमत जिसका मजहब, फिर उसका ईमान कहाँ
जिसके दिल में प्यार न हो, वो पत्थर है इंसान कहाँ
प्यार के दुश्मन होश में आ, हो जायेगा बरबाद
ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद…

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गीत: शकील बदायूँनी / Lyrics: Shakeel Badayuni
संगीत: नौशाद / Music: Naushad
गायक: मोहम्मद रफ़ी और साथी / Singer: Mohd. Rafi & Chorus
फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म (१९६०) / Film: Mughal-e-Azam (1960)
अभिनय: एम. कुमार, दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर और साथी/ Actors: M. Kumar, Dilip Kumar, Prithviraj Kapoor & others

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Zindabad, zindabad ai mohabbat zindabad

Note: “Muhabbat” and “Mohabbat” (मुहब्बत/मोहब्बत) are generally used as synonyms (पर्यायवाची).

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