जब ग़म-ए-इश्क़ सताता है…

जब ग़म-ए-इश्क़ सताता है, तो हँस  लेता हूं
हादसा याद ये आता है, तो हँस लेता हूँ

जज़्बा-ए-इश्क़ के अंजाम पे, इस दुनिया में
जब कोई अश्क बहाता है, तो हँस  लेता हूं
हादसा याद ये आता है, तो हँस लेता हूँ

मेरी उजड़ी हुई दुनिया में, तमन्ना का चराग़
जब कोई आके जलाता है, तो हँस  लेता हूँ

कोई दावा नहीं, फ़रियाद नहीं, तंज़ * नहीं
रहम जब अपने पे आता है, तो हँस  लेता हूँ
जब ग़म-ए-इश्क़ सताता है, तो हँस  लेता हूं

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शब्दार्थ
* तंज़ = laughing (at), mocking, ridiculing; ridicule, derision, sneer, scoff, taunt, sarcasm:—t̤anz karnā (-), To mock, jeer, laugh (at), ridicule, deride, &c.

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गीत: न्याय शर्मा / Lyric: Nyay Sharma
संगीत: जयदेव / Music: Jaidev
गायक: मुकेश / Singer: Mukesh
फिल्म: किनारे किनारे (1963) / Film: Kinare Kinare (1963)

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Jab Gham-e-Ishq Satata Hai, To Hans Leta Hoon

Haadsa Yaad Yeh Aata Hai, To Hans Leta Hoon

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