Tag Archives: साहिर लुधियानवी

तेरी दुनिया में जीने से तो…

तेरी दुनिया में जीने से तो बेहतर है कि मर जायें वही आसूँ वही आहें वही ग़म है जिधर जायें

Posted in Film Lyrics, Hindi | हिन्दी, Literature, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , , , , | Comments Off on तेरी दुनिया में जीने से तो…

जिस प्यार में ये हाल हो, उस प्यार से तौबा

मुखड़ा (रफ़ी, रहमान के लिये स्वर): फिरते थे जो बड़े ही सिकंदर बने हुये बैठें हैं उनके सर पे कबूतर बने हुये गीत (रफ़ी): जिस प्यार में ये हाल हो, उस प्यार से तौबा तौबा, उस प्यार से तौबा…

Posted in Film Lyrics, Hindi | हिन्दी, Humor, Literature, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , | Comments Off on जिस प्यार में ये हाल हो, उस प्यार से तौबा

फैली हुई हैं सपनों की बाहें…

फैली हुई हैं सपनों की बाहें, आजा चल दें कहीं दूर वहीँ मेरी मंज़िल, वहीं तेरी राहें आजा चल दें कहीं दूर

Posted in Film Lyrics, Hindi | हिन्दी, Literature | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , , | Comments Off on फैली हुई हैं सपनों की बाहें…

रात भी है कुछ भीगी-भीगी…

रात भी है कुछ भीगी-भीगी, चाँद भी कुछ है मद्धम-मद्धम तुम आओ तो आँखें खोले, सोई हुई पायल की छम-छम

Posted in Film Lyrics, Hindi | हिन्दी, Literature, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , , , , | Comments Off on रात भी है कुछ भीगी-भीगी…

चाँद मद्धम है, आसमाँ चुप है

चाँद मद्धम है, आसमाँ चुप है नींद की गोद में, जहाँ चुप है दूर वादी में दूधिया बादल झुककर पर्वत को प्यार करते हैं दिल में नाक़ाम हसरतें लेकर हम तेरा इंतज़ार करते हैं चाँद मद्धम है…

Posted in Film Lyrics, Hindi | हिन्दी, Literature, Urdu (Hindustani) | Tagged , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , | Comments Off on चाँद मद्धम है, आसमाँ चुप है